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पब्लिशर, स्कूल और बुकसेलर मिलकर चला रहे थे मोनोपॉली, 51 लोगों पर मामला दर्ज, 20 गिरफ्तार,छत्तीसगढ़ में भी निजी स्कूलों की महंगी फीस ले शासकीय नियमों की कर रहे अवहेलना



 छत्तीसगढ़ में भी निजी स्कूलों की महंगी फीस शासकीय नियमों की अवहेलना प्राइवेट स्कूलों के स्वयं के नियम कानून सरकार के नियमों की अवहेलना फीस का स्ट्रक्चर दिनों दिन बढ़ता जा रहा पुस्तक ड्रेस खेलकूद ट्रांसपोर्टिंग अन्य गतिविधियों के नाम पर भारी भरकम फीस का बोझ अभिभावक परेशान निजी स्कूलों की मनमानी से शिक्षा माफिया तेजी से पैर प्रसार रहे

छत्तीसगढ़ सरकार निजी स्कूल प्राइवेट कॉलेज इन संपर्क नियम के अंतर्गत शिक्षा के स्तर में सुधार के साथ-साथ मनमानी फीस पर लगाम लगाने की आवश्यकता है ऐसे निजी स्कूल कॉलेज जो शिक्षा माफिया को बढ़ावा दे रहे हैं ताक में रखकर मनमर्जी मनमानी फीस वसूल रहे ऐसे संस्थानों पर कार्यवाही जरूरी है

 




मध्य प्रदेश के जबलपुर में निजी स्कूलों की मनमानी और बुक सेलर्स के साथ मिलकर अभिभावकों के साथ की जा रही लूट खसौट के अब तक के सबसे बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया गया है। जबलपुर के जिला प्रशासन ने स्कूलों में पढ़ने वाले 7 लाख बच्चों से 240 करोड़ रुपए की अवैध वसूली का खुलासा किया है। इसमें 11 स्कूलों ने 81 करोड़ 30 लाख से ज्यादा फीस की वसूली की है। स्कूलों की ऑडिट रिपोर्ट में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के सबूत प्रशासन को मिले हैं।



निजी स्कूल मालिकों ने बुक सेलर्स के साथ मिलकर की जा रही इस घोटालेबाजी में 51 लोगों को आरोपी बनाया है। जिसमें 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में जबलपुर के नामचीन स्कूलों के करीब 11 स्कूलों के संचालक भी शामिल हैं, जिन्हें पुलिस ने अपनी हिरासत में ले लिया है। मनमानी करने वाले इन स्कूल संचालकों और प्रिंसिपल्स के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा 420, 471 और 472 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। फीस वृद्धि, बुक पब्लिकेशन और स्कूलों की मोनोपोली को लेकर हुए इस बड़े घोटाले में कई और लोगों के शामिल होने की भी बातें सामने आ रही है।


अवैध रूप से वसूली गई फीस होगी वापस

जबलपुर के कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना ने इसके पहले टीमें गठित कर जबलपुर के स्कूलों से लेकर बुक सेलर्स के ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई कराई थी। जिसके बाद रिपोर्ट तैयार की गई और इस रिपोर्ट के आधार पर आधा सैकड़ा से ज्यादा लोगों को आरोपी बनाकर 20 लोगों की गिरफ्तारी की गई है। कलेक्टर दीपक ने साफ किया है कि अवैध रूप से वसूली गई फीस की वापसी कराई जाएगी। निजी स्कूलों के मालिक बुक पब्लिकेशन से जुड़े लोग और स्कूल के प्रिंसिपल मिलकर इस घोटाले बाजी को बड़े ही शातिर ढंग से अंजाम दिया करते थे।

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