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High Court : बिलासपुर एयरपोर्ट में सुविधाओं की व्यवस्था पर कोर्ट की कड़ी नजर, काम जल्दी पूरे करने के निर्देश

 




Bilaspur.  एयरपोर्ट मामले में राज्य शासन की ओर से हाईकोर्ट में बताया गया कि नाइट लैंडिंग के लिए नई तरह की आईएफवी मशीन लगाने की प्रक्रिया की जा रही है। इसके बाद इसे शुरू किया जाएगा। इस पर याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि अभी जो मशीन लगी है, उससे भी पर्याप्त सिग्नल और रोशनी मिलती है। यही तकनीक पूरे देश में उपयोग की जा रही है। इसलिए नाइट लैंडिंग शुरू की जा सकती है। साथ ही निरस्त फ्लाइट के बारे में अलायंस एयर के वकील ने कहा कि इस बारे में दिल्ली में बैठक हो रही है। इसमें हुए निर्णय और शेड्यूल की जानकारी लेकर प्रस्तुत की जाएगी। कोर्ट ने इस पर 10 मई को फिर से सुनवाई तय कर दी है।


बिलासपुर एयरपोर्ट में सभी सुविधाओं की व्यवस्था सही तरीके से हो इसके लिए हाईकोर्ट लगातार नजर रखे हुए हैं। इसी का नतीजा है कि कई काम जल्दी पूरे हुए हैं। बुधवार को हवाई अड्डे और सुविधाओं के विस्तार से संबंधित जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए आज हाईकोर्ट ने पूछा कि नाइट लैंडिंग कब से शुरू हो सकती है। इस पर शासन की ओर से कहा गया कि इट लैंडिंग के लिए नई तरह की आईएफवी मशीन लगाने की प्रक्रिया की जा रही है। इसके बाद इसे शुरू किया जाएगा। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि पुरानी मशीन से काम चलाया जा सकता है। बिलासा एयरपोर्ट पर सुविधाओं के विस्तार को लेकर दायर जनहित याचिका शासन की तरफ से बताया गया कि नाइट लैंडिंग का काम पूरा हो गया है। बाउंड्रीवॉल का काम भी लगभग पूरा हो गया है। इसलिए अब शासन को विमानन विभाग के पास इसके लिए आवेदन करना चाहिए। हाईकोर्ट ने इस पर जल्द काम करने कहा है। शासन की ओर से बताय गया कि एयरपोर्ट अथॉरिटी आफ इंडिया व डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन के मापदंडों के अनुसार बिलासा एयरपोर्ट में नाइट लैंडिंग का काम किया गया है।

इस दौरान हाईकोर्ट ने एयरपोर्ट पर रनवे के विस्तार के लिए केंद्र और राज्य सरकार को रक्षा मंत्रालय को आवंटित 1012.48 एकड़ जमीन में से 286.65 एकड़ जमीन देने के लिए आदेशित किया था, जिसके बाद इसके लिए प्रक्रिया शुरू हुई। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की तरफ से असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल रमाकान्त मिश्रा ने बताया कि रक्षा मंत्रालय ने 286.65 एकड़ जमीन पर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए कार्य की अनुमति दे दी है।

सुनवाई में हाईकोर्ट ने अलायंस एयर को भी बिलासपुर दिल्ली उड़ान के बारे में स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। गौरतलब है कि याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव ने हाईकोर्ट का ध्यान गत 13 फरवरी के आदेश की ओर आकृष्ट किया गया। इसमें अलायंस एयर के द्वारा 29 फरवरी के बाद भी बिलासपुर दिल्ली व्हाया जबलपुर और प्रयागराज रूट पर चल रही उड़ानों के आगे भी सतत् संचालित होने का भरोसा दिया गया था। याचिकाकर्ता की ओर से यह भी बताया गया कि उस वक्त 4 दिन व्हाया जबलपुर और 3 दिन व्हाया प्रयागराज दिल्ली के लिए उड़ान चल रही थी। अब जबकि राज्य सरकार के एमओयू के बाद दिल्ली के लिए अतिरिक्त सीधी उड़ान देने की बात हुई है, तब भी पूरे अप्रैल के महीने में अलायंस एयर की दिल्ली रूट के लिए केवल 15 उड़ाने दर्शित हो रहीं हैं। इनमें सीधी उड़ान और व्हाया उड़ान शामिल है। इसी तरह मई के महीने में केवल 10 उड़ान दर्शित है। अलायंस एयर अगली सुनवाई के पहले अपना शपथ पत्र भी दाखिल करेगी।

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