बिलासपुर। आवारा कुत्ता काटने से बच्चे की मौत पर 4लाख रुपए मुआवजे के लिए पिता की याचिका पर हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव से जवाब मांगा है। जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास की वेकेशन बेंच ने सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन अनुसार शपथ पत्र पर पूरी जानकारी देने के निर्देश दिए। मामले की अगली सुनवाई 30 जून को होगी।
बिलासपुर निवासी धीरज पारधी ने याचिका में बताया कि उनके बेटे की कुत्ते के काटने से मौत हो गई थी। पीड़ित पिता ने बेटे की मौत पर शासन से क्षतिपूर्ति के रूप में 4 लाख रुपए मुआवजे की मांग की। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की तरफ से बताया गया कि कुत्ते के काटने से मौत होने पर किसी भी तरह का मुआवजा देने का कोई प्रावधान छत्तीसगढ़ में नहीं है। राज्य सरकार के इस रुख पर हाई कोर्ट ने नाराजगी जताई। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा आवारा कुत्तों के प्रबंधन और रोकथाम संबंधी सख्त गाइडलाइन का हवाला दिया।
सुप्रीम कोर्ट में भी देनी है रिपोर्ट
खतरनाक और रैबीज पीड़ित कुत्तों की रोकथाम के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार सभी राज्यों के मुख्य सचिव और संबंधित विभागों के सचिवों को 7 अगस्त तक हर हाल में अपना शपथ पत्र जमा करना है। हाईकोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करने में कोई भी लापरवाही या देरी होने पर संबंधित नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ सीधे अवमानना की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

